यह नियमावली नवभारत सेवा टीम (NBST) की सभी योजनाओं, सदस्यता, सहयोग प्रक्रिया एवं अनुशासनात्मक व्यवस्थाओं को स्पष्ट करने हेतु बनाई गई है। NBST से जुड़ने वाला प्रत्येक सदस्य इन नियमों को पढ़कर, समझकर और स्वीकार कर ही सदस्यता ग्रहण करता है।
दिवंगत सदस्य सहयोग योजना
(यह NBST की अनिवार्य योजना है)
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अनिवार्य सहयोग: प्रत्येक सदस्य को अपनी वैधानिकता बनाए रखने हेतु किसी वैधानिक सदस्य की मृत्यु पर सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के बैंक खाते में ₹50 सहयोग करना अनिवार्य है।
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वैधानिकता की आवश्यकता: जो सदस्य सभी सहयोग कर अपनी वैधानिकता बनाए रखेगा, दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में उसके परिजन ही सहयोग पाने के पात्र होंगे।
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सहयोग रसीद अपलोड: सदस्य द्वारा सहयोग के पश्चात वेबसाइट पर अपने सहयोग की रसीद अपलोड करना अनिवार्य है। अन्यथा आपका सहयोग सूचीबद्ध नहीं हो पाएगा और यह माना जाएगा कि आपका सहयोग छूट गया है।
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वैधानिकता का स्थगन: यदि किसी सदस्य का सहयोग छूट जाता है तो उसकी वैधानिकता स्थगित हो जाएगी। ऐसी स्थिति में सदस्य को अपनी वैधानिकता पुनः बहाल करने हेतु लगातार दो दिवंगत सदस्य सहयोग करने होंगे तथा संस्था के खाते में ₹200 अर्थदंड के रूप में जमा करना होगा। इसके पश्चात ही वैधानिकता बहाल होगी।
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वैधानिकता स्थगन का प्रभाव: यदि किसी सदस्य की वैधानिकता स्थगित है और उसी अवधि में उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिजनों को सहयोग नहीं किया जाएगा।
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सत्यापन प्रक्रिया: मृत्यु उपरांत स्थानीय टीम द्वारा घर जाकर भौतिक सत्यापन, नॉमिनी की फोटो लगी पासबुक, आधार, मृत्यु का कारण एवं सदस्य की वैधानिकता का सत्यापन होने के बाद ही सहयोग हेतु अपील की जाएगी।
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नॉमिनी निर्धारण का अधिकार: संदिग्ध स्थिति, पुलिस केस या नॉमिनी संबंधी विवाद होने पर दिवंगत सदस्य के निकटतम परिजन को नॉमिनी मानने का अधिकार NBST की कार्यकारिणी को होगा। कार्यकारिणी का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा।
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आत्महत्या की स्थिति: आत्महत्या की स्थिति में कोई सहयोग नहीं किया जाएगा, क्योंकि NBST आत्महत्या को प्रोत्साहित नहीं करता।
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वार्षिक अंशदान: वैधानिकता बनाए रखने हेतु प्रत्येक सदस्य को NBST के खाते में ₹50 वार्षिक अंशदान देना अनिवार्य है।
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वार्षिक अंशदान की नवीनीकरण अवधि: अंशदान की तिथि से एक वर्ष पूर्ण होने पर अगले वर्ष के लिए एक माह की अनुग्रह अवधि (Grace Period) रहेगी। यदि इस अवधि में अंशदान नहीं किया गया तो सदस्यता स्थगित रहेगी, जो पुनः अंशदान के बाद ही बहाल होगी।
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सूचना अपडेट: सदस्य को NBST के आधिकारिक यूट्यूब चैनल एवं अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से जुड़कर सूचनाओं से अपडेट रहना अनिवार्य है। सूचना के अभाव में यदि सहयोग छूटता है तो इसकी जिम्मेदारी स्वयं सदस्य की होगी।
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लॉक-इन पीरियड – प्रारंभिक 10,000 सदस्यों के लिए: सदस्यता तिथि से 3 माह। 10,001 से 20,000 सदस्यों तक: 6 माह। 20,000 सदस्यों के बाद: कार्यकारिणी की सर्वसम्मति से लॉक-इन पीरियड बढ़ाया जा सकता है।
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लॉक-इन अवधि में यदि सदस्य की मृत्यु होती है तो उसके परिजनों को सहयोग की अपील नहीं की जाएगी।
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लॉक-इन पीरियड के दौरान सहयोग अनिवार्य: लॉक-इन अवधि के दौरान भी सदस्यों को अन्य दिवंगत सदस्यों हेतु सहयोग करना अनिवार्य होगा।
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अनुशासनात्मक कार्रवाई: अनुशासनहीनता या NBST के विरुद्ध कार्य करने पर सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी तथा उसके परिजन किसी भी सहयोग के पात्र नहीं होंगे।
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सहयोग राशि का निर्धारण: सहयोग राशि NBST के कुल सदस्यों की संख्या पर निर्भर करेगी। यह कम या अधिक हो सकती है। किसी सदस्य या नॉमिनी को किसी प्रकार का कानूनी दावा करने का अधिकार नहीं होगा क्योंकि यह नैतिक कर्तव्य है, कानूनी अधिकार नहीं।
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सदस्य की सहमति: NBST किसी को भी जबरन सदस्य नहीं बनाता। प्रत्येक सदस्य अपनी स्वेच्छा से नियमों से सहमत होकर ही रजिस्ट्रेशन करेगा।
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संशोधन एवं न्याय क्षेत्र: कार्यकारिणी को समयानुसार नियमों में संशोधन का अधिकार होगा। किसी भी विवाद की स्थिति में वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम नियमावली मान्य होगी। न्याय क्षेत्र: बरेली, उत्तर प्रदेश न्यायालय।
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स्थलीय निरीक्षण: NBST टीम द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज एवं निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा।
नियमावली – कन्या आशीर्वाद / शगुन योजना
(यह एक स्वैच्छिक योजना है)
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कन्या आशीर्वाद योजना हेतु केवल वही सदस्य आवेदन करने के पात्र होंगे जो NBST की दिवंगत सदस्य सहयोग योजना के वैधानिक सदस्य हों।
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आवेदनकर्ता के साथ-साथ उसकी पुत्री, जिसके लिए आवेदन किया जा रहा है, दोनों का NBST का वैधानिक सदस्य होना अनिवार्य है।
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यदि पति एवं पत्नी दोनों NBST के सदस्य हैं, तो दोनों में से केवल एक ही व्यक्ति इस योजना हेतु आवेदन कर सकेगा तथा अधिकतम दो पुत्रियों के लिए ही आवेदन किया जा सकेगा।
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NBST के प्रारंभिक 10,000 सदस्यों के लिए कन्या आशीर्वाद योजना का लॉक-इन पीरियड 08 माह रहेगा। अर्थात सदस्यता की तिथि से 08 माह पूर्ण होने के बाद ही आवेदन किया जा सकेगा।
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10,000 सदस्यों के बाद पंजीकरण कराने वाले सदस्यों के लिए कन्या आशीर्वाद योजना का लॉक-इन पीरियड 02 वर्ष रहेगा।
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आवेदन करने हेतु सदस्य को आवेदन की तिथि से पूर्व के 02 वर्षों में कन्या आशीर्वाद योजना के अंतर्गत कम से कम 90% सहयोग करना अनिवार्य होगा।
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कन्या आशीर्वाद योजना का लाभ लेने वाले प्रत्येक सदस्य को आगामी 07 वर्षों तक 90% सहयोग करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर सदस्य की वैधानिकता समाप्त हो जाएगी तथा वह दिवंगत सदस्य सहयोग योजना का भी पात्र नहीं रहेगा।
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कन्या आशीर्वाद योजना पूर्णतः स्वैच्छिक है। यदि कोई सदस्य इसमें सहयोग नहीं करता, तो उसकी वैधानिकता प्रभावित नहीं होगी, परंतु वह इस योजना में आवेदन करने हेतु पात्र नहीं होगा।
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योजना के अंतर्गत शगुन के रूप में ₹21 की राशि सदस्यों द्वारा सीधे बेटी के माता या पिता के खाते में आशीर्वाद स्वरूप जमा की जाएगी।
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विवाह की तिथि से कम से कम 02 माह पूर्व आवेदन करना अनिवार्य है, जिससे स्थलीय निरीक्षण एवं सहयोग प्रक्रिया हेतु पर्याप्त समय उपलब्ध हो सके।
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यदि बेटी के माता एवं पिता दोनों जीवित न हों, तो बेटी का भाई या कोई निकट संबंधी, जो NBST का वैधानिक सदस्य हो, आवेदन करने का पात्र होगा।
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कन्या आशीर्वाद योजना में प्राप्त सहयोग राशि सहयोग करने वाले सदस्यों की संख्या पर निर्भर करेगी, जो कम या अधिक हो सकती है।
रक्त उपलब्धता सहायता – नियम
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NBST चिकित्सीय आपात स्थिति में रक्त उपलब्ध कराने में सहयोग करती है।
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यह सुविधा NBST के स्वयंसेवक रक्तदाता समूह के माध्यम से प्रदान की जाती है।
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रक्त की उपलब्धता परिस्थिति एवं वास्तविक उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
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NBST रक्त उपलब्धता की कोई कानूनी जिम्मेदारी नहीं लेती, संस्था केवल समन्वय की भूमिका निभाती है।